HomeCareerनीट में कितने चांस मिलते हैं?

नीट में कितने चांस मिलते हैं?

नीट में कितने चांस मिलते हैं? : डॉक्टर की पढ़ाई करना चाहते हैं लेकिन वह नीट परीक्षा से संबंधित सही जानकारी नहीं जानते हैं इसलिए आज हम नीट क्या है, नीट पात्रता मानदंड 2023 तथा नीट में कितने चांस मिलते हैं, नीट में कितने चांस मिलते हैं 2023, भारत में नीट की कितनी सीटें हैं, नीट में कितने नंबर आने पर सरकारी कॉलेज मिलता है, नीट एग्जाम के लिए कितनी उम्र चाहिए आदि नीट परीक्षा से संबंधित विषयों पर चर्चा करेंगे।

नीट क्या है? 

नीट ( Neet) राष्ट्रीय स्तर पर चिकित्सा क्षेत्र में एमबीबीएस तथा अन्य कोर्स में भाग लेने वाले विद्यार्थियों के लिए आयोजित किए जाने वाला एक नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट है।‌ भारत में नीट परीक्षा हर साल आयोजित की जाती है तथा इस परीक्षा को पास करने वाले विद्यार्थियों को सरकारी कॉलेज में एमबीबीएस डिग्री कोर्स में दाखिला मिलता है। ‌

नीट पात्रता मानदंड 2023 

साल 2023 की नीट परीक्षा में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को निम्नलिखित नीट पात्रता मानदंडों 2023 को पूरा करना होगा-

  • नीट परीक्षा में भाग लेने के लिए उम्मीदवार के 12वीं में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक प्राप्त होने चाहिए।
  • नीट परीक्षा में भाग लेने वाले उम्मीदवार के पास 12वीं कक्षा में फिजिक्स केमिस्ट्री और बायोलॉजी आदि तीनों विषयों का होना अनिवार्य है। ‌
  • नीट परीक्षा में भाग लेने के लिए उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 17 वर्ष होनी चाहिए। ‌

नीट में कितने चांस मिलते हैं 2023 

सभी विद्यार्थी नीट परीक्षा में भाग लेने से पहले यह जानने की कोशिश करते हैं कि आखिर नीट में कितने चांस मिलते हैं 2023 या फिर नीट कब तक दे सकते हैं? इस तरह के सभी सवालों का एक ही जवाब है और वह यह है कि “नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा अभी तक नीट में परीक्षा में भाग लेने के लिए कोई भी सीमा निर्धारित नहीं की गई है इसीलिए यह साबित हो जाता है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा आधिकारिक सूचना जारी होने तक नीट में आपको अनलिमिटेड चांस मिलते हैं यानी कि आप कितनी बार भी नीट दे सकते हैं।”

नीट में कितने नंबर आने पर सरकारी कॉलेज मिलता है? 

ज्यादातर नीट की परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों का यह अरमान होता है कि नीट परीक्षा पास करने के बाद एक सरकारी कॉलेज में मिले क्योंकि सरकारी मेडिकल कॉलेज में चिकित्सा क्षेत्र से संबंधित सभी विषयों एवं ज्ञान के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी प्रदान होती है तथा सरकारी मेडिकल कॉलेज में चिकित्सा क्षेत्र के हर पहलू को एकदम सही ढंग से बताया जाता है

जिससे एक बेहतरीन एवं अव्वल डॉक्टर बनने में मदद मिलती है तथा सरकारी कॉलेज में पढ़ने के बाद सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर के रूप में नौकरी मिलने के चांसेस भी सबसे ज्यादा बढ़ जाते हैं और सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर के पद पर आसीन होने के बाद सबसे अधिक वेतन प्राप्त होता है। यदि आप नीट का एग्जाम देने जा रहे हैं तो आपको यह पता होना चाहिए कि सामान्य वर्ग के लिए नीट में 620+ नंबर आने पर बेहतरीन सरकारी मेडिकल कॉलेज मिलता है और आरक्षित वर्गों के लिए 575+नंबर आने पर सरकारी कॉलेजों में दाखिला मिलता है। ‌

नीट में पास होने के लिए कितने मार्क्स चाहिए? 

नेशनल एंटरेंस एलिजिबिलिटी टेस्ट ( NEET) देश की सबसे कठिन एवं बड़ी मेडिकल परीक्षाओं में से एक है। सरकारी एवं प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में भाग लेने के लिए लाखों की तादाद में उम्मीदवार हर साल नीट परीक्षा के लिए तैयारी करते हैं तथा नीट की परीक्षा देने के बाद विद्यार्थियों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही रहता है

कि नीट में पास होने के लिए कितने मार्क्स चाहिए, तो हम आपको बता देते हैं कि नीट में पास होने के लिए सामान्य वर्ग को कम से कम 50% मार्क्स हासिल होने चाहिए तथा आरक्षित वर्गों को नीट में पास होने के लिए कम से कम 40% मार्क्स प्राप्त होने चाहिए।

क्या मुझे 480 अंक के साथ एमबीबीएस मिल सकता है? 

यदि आप नेट की परीक्षा दे रहे हैं और अगर आप सामान्य वर्ग से ताल्लुक रखते हैं तो आपको नीट की परीक्षा में कम से कम 520 से अधिक अंक प्राप्त होने चाहिए क्योंकि उसी के बाद आपको एमबीबीएस में दाखिला मिल सकता है। ‌ यदि आप नेट की परीक्षा में 480 अंक प्राप्त करते हैं तो ऐसे में सामान्य वर्ग को दाखिला नहीं मिल सकता है

लेकिन आरक्षित वर्ग 480 अंक प्राप्त होने पर गैर सरकारी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस कोर्स में दाखिला मिल सकता है। हालांकि हर साल एमबीबीएस डिग्री में भाग लेने के लिए नीट की परीक्षा तथा मेरिट लिस्ट में उतार-चढ़ाव होता रहता है तथा यह उतार-चढ़ाव सामान्य वर्ग के लिए सबसे ज्यादा कठिन साबित होता है। ‌

भारत में नीट की कितनी सीटें हैं? 

भारत में सरकारी डॉक्टर बनने के लिए सबसे पहले उम्मीदवार को राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाली नेट परीक्षा में भाग लेना होता है तथा जो भी विद्यार्थी सरकारी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की डिग्री के लिए पढ़ाई करना चाहता है तो उसे नीट की परीक्षा अवश्य ही देनी पड़ती है। भारत में नीट 2023 के लिए लगभग 101188 सीट एमबीबीएस कोर्स में दाखिला लेने के लिए निर्धारित की गई है। ‌

क्या नीट का पेपर हिंदी में आता है? 

नीट का पेपर अब लगभग दोनों भाषा हिंदी तथा अंग्रेजी में तैयार किया जाता है। नीट पेपर को अब भारत की कई तरह की भाषा हो जैसे कन्नड़, तेलुगू, बंगाली तथा उड़िया में भी तैयार किया जाता है। दरअसल हर साल नीट परीक्षा में भाग लेने वाले बहुभाषी उम्मीदवारों की संख्या बढ़ती जा रही है

इसीलिए नेशनल टेस्ट एजेंसी द्वारा अब यह पेपर को हिंदी के साथ-साथ अंग्रेजी कन्नड़ तेलुगु बंगाली तथा उड़िया भाषा में भी तैयार किया जाता है ताकि उम्मीदवार अपनी क्षेत्रीय भाषा में पेपर को पूरा कर सकें। बहुभाषी उम्मीदवारों की सहूलियत को देखते हुए ही नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा यह है एवं अच्छा कदम उठाया गया है।

निष्कर्ष 

आज के हमारे आर्टिकल नीट में कितने चांस मिलते हैं, में हमने नीट क्या है, नीट पात्रता मानदंड 2023, नीट में कितने चांस मिलते हैं 2023, भारत में नेट की कितनी सीटें हैं, नीट एग्जाम के लिए कितनी उम्र चाहिए आदि नीट संबंधित विषयों पर चर्चा की है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular